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हनुमंत

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~~~~~~~~~~~~~~~~~~ !! श्री मारुती स्तोत्र !! ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ** **भीमरूपी महारुद्रा वज्रहनुमान मारुती | वानरी अंजनीसुता रामदुता प्रभंजना ||१|| **महाबली प्राणदाता सकळा उठवी बळे | सौख्यकारी दु:खहारी धूर्त वैष्णव गायका || २|| **दीननाथा हरीरुपा सुंदरा जगदंतरा | पातालदेवता हंता भव्य सिंदुर लेपना || ३|| **लोकनाथा जगन्नाथा प्राणनाथा पुरातना | पुण्यवंता पुण्यशिळा पावना परितोषका || ४|| **ध्वजांगे उचली बाहो आवेशे लोटला पुढे | काळाग्नी काळरुद्राग्नी देखता कांपती भये || ५|| **ब्रम्हांडे माईली नेणों आंवाळे दंतपंक्ती | नेत्राग्नी चालील्या ज्वाळा भ्रुकुटी ताठिल्या बळे || ६|| **पुच्छ ते मुर्डीले माथा किरीटी कुंडले बरी | सुवर्ण कटी कांसोटी घंटा किंकिणी नागरा || ७|| **ठकारे पर्वता ऐसा नेटका सडपात़ळु | चपळांग पाहता मोठे महाविद्युल्लतेपरी || ८|| **कोटीच्या कोटी उड्डाणे झेपावे उत्तरेकडे | मंद्रादीसारखा द्रोणु क्रोधे उत्पाटिला बळे || ९|| **आणिला मागुती नेला आला गेला मनोगती | मनासी टाकीले मागे गतिसी तुळणा नसे || १०|| **अणुपासुनि ब्रम्हांडाएवढा होत जातसे | तयासी तुळणा कोठे मेरुमंदार धाकुटे || ११|| **ब्रम्हांडाभोवते वेढे वज्रपुच्छे करु शके | तयासी तुळणा कैंची ब्रम्हांडी पाहता नसे || १२|| **आरक्त देखिले डोळा ग्रासिले सूर्यमंडळा | वाढता वाढता वाढे भेदिले शून्यमंडळा || १३|| **धनधान्यपशुवृद्धी पुत्रपौत्रसमस्तही | पावती रुपविद्यादी स्तोत्रपाठेकरुनिया || १४|| **भूतप्रेतसमंधादि रोगव्याधीसमस्तही | नासती तुटती चिंता आनंदे भीमदर्शने || १५|| **हे धरा पंधराश्लोकी लाभली शोभली बरी | दृढदेहो निःसंदेहो संख्याचंद्रकळागुणे || १६|| **रामदासी अग्रगण्यु कपीकुळासी मंडणु | रामरुपी अंतरात्मा दर्शने दोषनासती || १७|| ** **~~~~~~~~|| इती श्री रामदासकृतं संकटनिरसनं मारुतीस्तोत्रं सम्पूर्णं ||~~~~~~~~~

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